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स्टूडेंट्स की पहली पसंद तापरिया इंस्टीट्यूट

  छत्तीसगढ़ प्रदेश में वर्ष 2002 से शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन कर रही है। बीते कई वर्षों में हर बार ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राएं टॉप कर रहे हैं। छात्रों की माने तो इस संस्थान में बोर्ड एक्जाम के साथ ही अन्य आईआईटी जेईई, नीट, सीए की तैयारियों के लिए बेहतर प्लानिंग और आसान तरीकों से कठिन से कठिन सवालों व गणित के सवालों को हल कराया जाता है। इसके अलावा ज्यादा से ज्यादा अभ्यास के लिए प्रोत्साहित किया जाता है।       वहीं संस्था के उमेश तापरिया की माने तो उन्होंने छात्रों को बेहतर शिक्षा देने में हर संभव प्रयास किया है और आगे करते रहेंगे। ताकि  इस संस्था के छात्र-छात्राएंज्यादा से ज्यादा टॉप कर माता-पिता के साथ ही स्कूल व प्रदेश का नाम रोशन करें। और यह हर वर्ष हो भी रहा है। यही वजह है कि वर्ष 2018 में प्रदेश के मुख्यमंत्री ने उत्कृष्ठ कोचिंग के लिए संस्थ...
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इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया रायपुर ब्रांच की नई समिति गठित

रायपुर। इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया के रायपुर ब्रांच की नई कमेटी का गठन किया गया है। इसमें चेयरमैन सीए सीपी भाटिया को चुना गया। वहीं वाइस चेयरमैन सीए सुरेश अग्रवाल, सेके्रटरी सीए बजरंग अग्रवाल, ट्रेजरर सीए रवि ग्वालिन, सीआइसीएएसए चेयरमैन सीए रिद्धी जैन, एक्सिक्यूटिव मेंबर सीए अमिताभ दुबे, सीए किशोर बराडिया को नियुक्त किया गया। ट्रेजरर सीए रवि ग्वालिन ने बताया कि कार्यक्रम में बहुत सारे चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया, जिसमें सीएम बंकिम शुक्ला, अंकुश गोलेछा, डिंपल वर्ल्यानी, राजेश राठी, प्रफुल्ल पेंडसे, साक्षी गोपाल अग्रवाल, विकास शाह, विनय शर्मा, ब सुब्रायमन, आशुतोष श्रीवास्तव, सिद्धार्थ पारख, डॉ आरके अग्रवाल, इंदरप्रीत कौर, अमृता व्यास, संजना सलूजा, सृष्टि डागा, प्रतीक बचावल, दीपिका नथआनी, मोहित अग्रवाल, आशीष गुप्ता शामिल र...
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संजर से अजमेर का सफ़र – पार्ट -7

एक बार जमाले यार का जलवा देख लेने के बाद हुज़ूर ख़्वाजा ग़रीब नवाज़ रदिअल्लाहू तआला अन्हु के दिल में इल्म हासिल करने का जज़्बा किसी तेज़ समुन्दर की लहरों की मानिंद अंगड़ाईयाँ ले रहा था, और इश्क की ये मौजे  तेज़ी से साहिल (किनारा) यानि मंज़िल की जानिब बढ़ने को मुन्तज़िर थी । राहे हक़ का  ये मुसाफिर तनहा ही अपने सफ़र पर निकल पड़ा था । उस वक्त समरकंद, बुखारा, और निशापुर उलूमे इस्लामी के मराकिज़ तस्लीम किये जाते थे । इल्म के तालिब यहाँ आकर इल्म हासिल करते । आपने तय किया की आप भी इन जगहों पर जाकर इल्म हासिल करेंगे और फिर सबसे पहले आपके कदम मुबारक ‘निशापुर’ की जानिब उठ पड़े ।   वो जो अभी बलाग़त की दहलीज़ तक पहुच भी नहीं  सके थे, जिन्हें सफ़र के रास्तो की दुश्वारियो का भी कुछ पता न था । या अगर मालुम था भी तो जिनके इरादे इतने मज़बूत थे, की उन्हें दुश्वारियो का कोई खौफ नहीं था । कुछ भी तो नहीं था, प...
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संजर से अजमेर का सफ़र – पार्ट -6 

    हुज़ूर ख्वाजा ग़रोब नवाज़ रदिअल्लाहू तआला अन्हु एक रोज अपने बाग में पौधों को पानी दे रहे थे कि आपको एक अजीब सी खुश्बू महसूस हुई, लगा जैसे कोई उन्हें पुकार रहा हो, आप बेचैन हो उठे, यहाँ तक की आप बाग़ से बाहर आ गए और बाहर आपने एक बुजुर्ग मज्जूब कलंदर को अपने बाग़ के बाहर  बैठा देखा।  ख्वाजा साहब की नजर जब उन पर पड़ी तो वो तेज़ी से आपके उस मज्जूब के करीब आये, अदब से उनके हाथो को चूमा और ख़ामोशी से उनके करीब बैठ गए । और फिर उनसे अपने बाग़ में अन्दर चलकर आराम करने  की इल्तेजा की जिसे सुनकर वो मज्जुब मुस्कुराए, और फिर बिना कुछ बोले उठ खड़े हुवे ।     हुजुर ग़रीब नवाज़, ने अदब से उनका हाथ पकड़ा और उन्हें अपने साथ अपने बाग़ के अन्दर एक सायादार पेड़ की छांव में लाकर बिठाया फिर उन्हें मीठा पानी पिलाया। फिर आपने अपने बाग़ के अंगूरो का एक पका हुआ गुच्छा तोड़कर उनको पेश किया । अल्...
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