Smartphone यूजर्स को घटिया और लोकल Screen Protector गार्ड्स से मिलेगी मुक्ति

Smartphone Screen Protector BIS Rules: स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड के लिए भारत सरकार का बड़ा फैसला

Smartphone Screen Protector BIS Rules: स्मार्टफोन स्क्रीन गार्ड के लिए भारत सरकार का बड़ा फैसला

Smartphone Screen Protector BIS Rules: भारत में स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजार में गुणवत्ता मानकों को मजबूत करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक कदम उठाया है। इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ‘इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी वस्तु आदेश, 2021’ में नया संशोधन जारी किया है।

21 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन (S.O. 5190(E)) के तहत अब स्मार्टफोन के स्क्रीन प्रोटेक्टर को अनिवार्य पंजीकरण के दायरे में लाया गया है। इस आदेश के बाद अब भारत में बिना प्रामाणिक मानक के स्क्रीन गार्ड बेचना संभव नहीं होगा।




गजट अधिसूचना S.O. 5190(E): क्या है नया भारतीय मानक IS 19348:2025?

इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के संयुक्त सचिव सुशील पाल द्वारा हस्ताक्षरित इस आदेश में सख्त प्रावधान लागू किए गए हैं। यह निर्णय भारतीय मानक ब्यूरो अधिनियम, 2016 की धाराओं के तहत जनहित में लिया गया है।

संशोधन आदेश के अनुसार अनुसूची में क्रम संख्या 66 जोड़ते हुए नए गुणवत्ता मानक तय किए गए हैं।

स्क्रीन प्रोटेक्टर नए नियम का मुख्य विवरण

विवरण का प्रकारसरकारी अधिसूचना का प्रावधान
वस्तु का नामस्मार्टफोन के लिए ग्लास स्क्रीन रक्षक / स्क्रीन प्रोटेक्टर
लागू भारतीय मानकIS 19348:2025
मानक का आधिकारिक शीर्षकग्लास स्क्रीन रक्षक — विशिष्टि (Glass Screen Protector — Specification)
पूर्ण प्रभावी तिथि1 अप्रैल 2027 (1st April, 2027)
लागू करने वाली संस्थाभारतीय मानक ब्यूरो (Bureau of Indian Standards – BIS)

स्मार्टफोन यूजर्स को लाभ: घटिया चाइनीज और लोकल स्क्रीन गार्ड्स से मिलेगी मुक्ति

वर्तमान में भारतीय बाजार में बिना किसी गुणवत्ता मानक के घटिया स्क्रीन प्रोटेक्टर भारी मात्रा में बेचे जाते हैं। ये सस्ते और लो-क्वालिटी स्क्रीन गार्ड न केवल आसानी से टूट जाते हैं, बल्कि फोन की टचस्क्रीन डिस्प्ले को भी नुकसान पहुंचाते हैं।

इसके अतिरिक्त खराब क्वालिटी का कांच टूटने पर यूजर की उंगलियों और आंखों के लिए भी जोखिम पैदा करता है। सरकार के इस कदम से भारतीय ग्राहकों को BIS प्रामाणिक और उच्च गुणवत्ता वाले स्क्रीन गार्ड ही मिलेंगे। इस नए मानक से स्मार्टफोन की सुरक्षा बढ़ेगी। स्क्रीन गार्ड निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगेगी।

निर्माताओं और आयातकों पर असर: 1 अप्रैल 2027 से पहले BIS सर्टिफिकेशन अनिवार्य

यह अधिसूचना लागू होने के बाद देशी और विदेशी कंपनियों के लिए नियम सख्त हो जाएंगे। भारत में स्क्रीन प्रोटेक्टर बनाने वाले ब्रांड्स के साथ-साथ विदेश से स्क्रीन गार्ड आयात करने वाली कंपनियों को भी BIS पंजीकरण प्राप्त करना होगा।

उद्योग विशेषज्ञों के अनुसार 1 अप्रैल 2027 के बाद बिना IS 19348:2025 मानक के स्क्रीन गार्ड का निर्माण या बिक्री कानूनी अपराध माना जाएगा। कंपनियों को तय समय सीमा से पहले प्रयोगशाला में अपने उत्पादों का परीक्षण करवाना अनिवार्य होगा। परीक्षण सफल होने के बाद ही BIS सर्टीफिकेशन प्राप्त किया जा सकेगा।

इलेक्ट्रॉनिकी आदेश 2021 का इतिहास: गैजेट्स एक्सेसरीज में सुधार की दिशा में ऐतिहासिक कदम

‘इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी वस्तु आदेश’ सबसे पहले 18 मार्च 2021 को प्रकाशित किया गया था। इलेक्ट्रॉनिक्स और गैजेट्स की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इसमें समय-समय पर विभिन्न उत्पादों को शामिल किया जाता रहा है।

2021 से लेकर 2026 तक इसमें कई महत्वपूर्ण संशोधन किए गए हैं। 26 जुलाई 2026 के संशोधन (S.O. 4182(E)) के बाद अब 21 सितंबर 2026 का यह ताजा संशोधन एक्सेसरीज बाजार में पारदर्शिता लाएगा।

भारत सरकार का यह फैसला स्मार्टफोन यूजर्स की सुरक्षा और गैजेट बाजार में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। घटिया लोकल और चाइनीज स्क्रीन गार्ड्स पर लगाम लगने से उपभोक्ताओं को केवल असली उत्पाद ही मिलेंगे।

(डिस्क्लेमर: यह लेख इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, भारत सरकार की आधिकारिक गजट अधिसूचना पर आधारित है।)

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