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AI Tools in AIIMS Delhi: आरोग्यम और इंडसडर्मा एआई टूल से ओपीडी में खत्म होगी लंबी लाइनें

AI Tools in AIIMS Delhi: एम्स दिल्ली और गूगल ने बनाए ‘आरोग्यम’ और ‘इंडसडर्मा’ एआई टूल, मरीजों को मिलेगी राहत

AI Tools in AIIMS Delhi: अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली और टेक दिग्गज गूगल (Google) ने मिलकर भारतीय स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नया इतिहास रचा है। दोनों संस्थानों ने भारतीय मरीजों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ‘आरोग्यम’ (Aarogyam) और ‘इंडसडर्मा’ (IndusDharma) नामक दो अत्याधुनिक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स विकसित किए हैं।

इन एआई मॉडल्स का मुख्य उद्देश्य एम्स की ओपीडी में आने वाले हजारों मरीजों के प्रतीक्षा समय (Waiting Time) को 40 प्रतिशत तक कम करना और गंभीर स्थिति वाले मरीजों को तुरंत इलाज मुहैया कराना है।

वर्तमान में एम्स दिल्ली में इन दोनों टूल्स का पायलट प्रोजेक्ट सफलता पूर्वक चल रहा है।




आरोग्यम एआई टूल: गंभीर मरीजों की त्वरित पहचान और ट्रायेज प्रक्रिया में क्रांति

एम्स दिल्ली की ओपीडी में प्रतिदिन हजारों की संख्या में मरीज पहुंचते हैं, जिससे डॉक्टरों के लिए यह तय करना चुनौतीपूर्ण होता है कि किसे पहले इलाज की आवश्यकता है। ‘आरोग्यम’ टूल इसी समस्या का सटीक समाधान प्रस्तुत करता है।

  • ट्रायेज (Triage) प्रक्रिया को आसान बनाना: आरोग्यम टूल मरीजों की बीमारी के लक्षणों और मेडिकल इतिहास का विश्लेषण करके उनकी गंभीरता के आधार पर प्राथमिकता (ट्रायेज) तय करता है।
  • समय पर इलाज: अति-गंभीर स्थिति वाले मरीजों की पहचान तुरंत हो जाती है, जिससे उन्हें बिना किसी देरी के सीधे विशेषज्ञ डॉक्टर के पास भेजा जा सकता है।
  • बड़ी क्षमता: आरोग्यम और इंडसडर्मा दोनों टूल्स में प्रतिदिन 15,000 तक ओपीडी मरीजों की स्थिति का एक साथ सटीक आकलन करने की क्षमता है।

इंडसडर्मा (IndusDharma): भारतीय त्वचा के अनुरूप तैयार किया गया पहला एआई मॉडल

पश्चिमी देशों में बने अधिकांश मेडिकल एआई मॉडल्स भारतीय त्वचा के प्रकार और रोगों की विशेषताओं के अनुसार पूरी तरह सटीक नहीं होते। एम्स और गूगल ने इस अंतर को पाटते हुए ‘इंडसडर्मा’ विकसित किया है।

  • भारतीय त्वचा के अनुकूल: इंडसडर्मा को विशेष रूप से भारतीय आबादी की त्वचा के रंग, टोन और स्वास्थ्य आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ट्रेन किया गया है।
  • प्रारंभिक चरण में पहचान: यह टूल मरीज द्वारा दी गई जानकारी और त्वचा की फोटो का विश्लेषण करके शुरुआती स्तर पर ही त्वचा रोगों की सटीक पहचान में सहायता करता है।
  • त्वरित विशेषज्ञ परामर्श: प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर मरीज को सीधे संबंधित डर्मेटोलॉजिस्ट (त्वचा विशेषज्ञ) के पास भेजा जाता है, जिससे जांच और इलाज की प्रक्रिया तेज हो जाती है।

एम्स-गूगल एआई टूल्स की मुख्य विशेषताएं (AI Tools in AIIMS Delhi)

विशेषता (Parameters)आरोग्यम टूल (Aarogyam Tool)इंडसडर्मा टूल (IndusDharma Tool)
मुख्य कार्यओपीडी मरीजों की गंभीरता के आधार पर प्राथमिकता (Triage) तय करनाशुरुआती स्तर पर त्वचा रोगों (Skin Diseases) की पहचान करना
लक्ष्यगंभीर मरीजों का तुरंत इलाज व ओपीडी का समय 40% कम करनाभारतीय त्वचा के अनुरूप सटीक त्वचा रोग निदान प्रदान करना
प्रतिदिन प्रोसेसिंग क्षमता15,000 मरीजों तक का आकलन करने में सक्षम15,000 मरीजों तक का आकलन करने में सक्षम
तकनीकी साझेदारएम्स दिल्ली एवं गूगल (AIIMS Delhi & Google)एम्स दिल्ली एवं गूगल (AIIMS Delhi & Google)

डॉक्टरों का मददगार, विकल्प नहीं: एआई तकनीक और मानवीय संवेदना का अद्भुत संगम

एम्स प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह एआई तकनीक डॉक्टरों का विकल्प कभी नहीं बन सकती, बल्कि यह उनके सहायक उपकरण (Support Tool) के रूप में कार्य करेगी।

  • निर्णय केवल डॉक्टर लेंगे: एआई मॉडल्स स्वास्थ्य तस्वीरों और लिखित मेडिकल डेटा को जल्दी समझने में मदद करेंगे।
  • हालांकि, एआई की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद अंतिम चिकित्सीय निर्णय डॉक्टर द्वारा ही लिया जाएगा।
  • डॉक्टरों के बोझ में कमी: प्रशासनिक और शुरुआती जांच प्रक्रिया एआई द्वारा संभाले जाने से अधिक समय मिलेगा।

एम्स का 71वां स्थापना दिवस: स्वास्थ्य राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल का मरीजों की सुविधा और सम्मान पर जोर

शुक्रवार, 25 सितंबर 2026 को एम्स के 71वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों के सामने एक मानवीय दृष्टिकोण रखा।

उन्होंने कहा कि:

“अस्पताल में आने वाले मरीज का केवल इलाज करना ही काफी नहीं है, बल्कि उसके सम्मान, सुरक्षा और भावनाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए। एआई और रोबोट जैसी नई तकनीकें बेहतर इलाज में मददगार हो सकती हैं, लेकिन वे कभी भी एक डॉक्टर के अनुभव, सटीक फैसले और मरीज के प्रति उनके मानवीय व्यवहार की जगह नहीं ले सकतीं।”

अनुप्रिया पटेल ने जोर देकर कहा कि देश भर से लोग बड़ी उम्मीद और भरोसे के साथ एम्स आते हैं.

इसलिए पूरी इलाज प्रक्रिया को बेहद सरल, सुलभ और सम्मानजनक बनाया जाना चाहिए

ताकि मरीजों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

AI Tools in AIIMS Delhi

एम्स दिल्ली और गूगल की यह साझा पहल भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में एक नए युग की शुरुआत है। ‘आरोग्यम’ और ‘इंडसडर्मा’ जैसे एआई टूल्स न केवल ओपीडी में लंबी कतारों और इंतजार के घंटों को कम करेंगे, बल्कि अत्याधुनिक तकनीक और मानवीय देखभाल के समन्वय से लाखों मरीजों का जीवन बचाने में भी निर्णायक भूमिका निभाएंगे।

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