SIM Card Rules 2026: सिम कार्ड पर DoT की चेतावनी: जरा सी भूल पड़ेगी भारी
छत्तीसगढ़ में सामने आया POS का बड़ा फर्जीवाड़ा, जिसके बाद DoT ने लिया सख्त एक्शन, SIM Card Rules 2026: सिम के गलत इस्तेमाल पर 50 लाख जुर्माना और 3 साल जेल | DoT SIM Card Alert
DoT ने देश भर के मोबाइल यूज़र्स के लिए जारी किया अलर्ट, सिम कार्ड के गलत इस्तेमाल पर 50 लाख जुर्माना और 3 साल जेल
दूरसंचार विभाग (DoT) ने देश भर के मोबाइल यूज़र्स के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। साइबर अपराध और फर्जी मोबाइल कनेक्शनों पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। DoT की एडवाइजरी के मुताबिक, सिम कार्ड का गलत इस्तेमाल करने या मोबाइल के IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ करने पर भारी वित्तीय जुर्माना और जेल की सजा हो सकती है।
दूरसंचार क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नए नियमों का पालन बेहद जरूरी कर दिया गया है। यदि कोई नागरिक अनजाने में भी अपना सिम किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल के लिए देता है, तो गैर-कानूनी गतिविधि होने पर प्राथमिक कानूनी जिम्मेदारी उसी असली सब्सक्राइबर की तय होगी जिसके नाम पर वह सिम जारी हुआ है।
फर्जी सिम और IMEI नंबर से छेड़छाड़ पर 50 लाख रुपये का जुर्माना और जेल
नये टेलीकम्युनिकेशन एक्ट के तहत फर्जी तरीकों से सिम प्राप्त करना या बेचना एक गंभीर संज्ञेय अपराध माना गया है। यदि कोई व्यक्ति किसी अन्य के पहचान दस्तावेजों का दुरुपयोग करके सिम एक्टिवेट करता है या कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी (CLI) में हेरफेर करता है, तो उस पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
इसके अलावा, मोबाइल हैंडसेट के यूनिक IMEI नंबर के साथ छेड़छाड़ करना, उसे बदलना या ऐसे डिवाइस को कॉन्फ़िगर और असेंबल करना भी गैर-कानूनी घोषित किया गया है। इन नियमों का उल्लंघन करने पर दोषी को 3 साल तक की जेल की सजा और अधिकतम 50 लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना पड़ सकता है।
DoT द्वारा निर्धारित नियम और उल्लंघन के परिणाम
| गतिविधि / अपराध | कानूनी प्रावधान | संभावित कार्रवाई / जुर्माना |
| फर्जी दस्तावेजों पर सिम लेना | टेलीकम्युनिकेशन एक्ट | कानूनी केस, 3 साल तक जेल व भारी जुर्माना |
| IMEI नंबर से छेड़छाड़ करना | टेलीकम्युनिकेशन एक्ट | डिवाइस ब्लॉक, 50 लाख रुपये तक जुर्माना |
| सिम किसी अनजान को बेचना/किराए पर देना | टेलीकम्युनिकेशन एक्ट | सब्सक्राइबर पर डायरेक्ट क्रिमिनल रिस्पॉन्सिबिलिटी |
| कॉलिंग आईडी में हेरफेर (CLI Spoofing) | टेलिकॉम सुरक्षा नियम | सिम व डिवाइस का तुरंत परमानेंट ब्लॉकिंग |
(नोट: अपनी पहचान और सिम कार्ड की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी पंजीकृत यूजर की होती है।)
छत्तीसगढ़ में सामने आया POS का बड़ा फर्जीवाड़ा: DoT ने लिया सख्त एक्शन
हाल ही में साइबर जांच के दौरान दूरसंचार विभाग को छत्तीसगढ़ से एक बड़े फर्जीवाड़े की जानकारी मिली। वहां कुछ पॉइंट ऑफ सेल (POS) एजेंटों द्वारा आम नागरिकों की जानकारी और उनकी बिना सहमति के उनके पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके फर्जी मोबाइल कनेक्शन एक्टिवेट किए जा रहे थे।
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DoT और टेलीकॉम सर्विस प्रोवाइडरों ने इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित POS एजेंटों को तुरंत ब्लैकलिस्ट कर दिया। इसके अलावा, इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म के जरिए 25 संदिग्ध मोबाइल कनेक्शनों की गहन जांच की गई। दोबारा वेरिफिकेशन में असफल रहने वाले कई नंबरों को तुरंत प्रभाव से ब्लॉक कर दिया गया है ताकि इनका उपयोग साइबर अपराध में न हो सके।
सुरक्षित रहने के लिए DoT द्वारा जारी मुख्य दिशा-निर्देश
- अपने नाम से जारी सिम कार्ड को किसी भी अनजान व्यक्ति को न बेचें और न ही किराए पर दें।
- किसी भी मोबाइल एप्लीकेशन या वेबसाइट के जरिए अपनी कॉलिंग आईडी बदलने की कोशिश न करें।
- कभी भी ऐसे मोबाइल हैंडसेट न खरीदें या इस्तेमाल न करें जिसके IMEI नंबर में बदलाव किया गया हो।
- यदि आपका सिम खो जाता है, तो तुरंत अपने टेलीकॉम ऑपरेटर को सूचित करके उसे ब्लॉक कराएं।
संचार साथी पोर्टल: जानिए कैसे चेक करें आपके नाम पर कितने सिम एक्टिव हैं
नागरिकों को साइबर फ्रॉड से बचाने और उनके नाम पर चल रहे फर्जी कनेक्शनों की पहचान करने के लिए सरकार ने संचार साथी पोर्टल (Sanchar Saathi Portal) और इसका आधिकारिक मोबाइल ऐप उपलब्ध कराया है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपने मोबाइल कनेक्शन की जांच कर सकता है।
पोर्टल पर उपलब्ध सेवाओं के माध्यम से आप अपने नाम से जारी सभी एक्टिव मोबाइल नंबरों की सूची देख सकते हैं। यदि आपको सूची में कोई ऐसा नंबर दिखता है जिसे आपने नहीं खरीदा है, तो आप पोर्टल से ही उसकी रिपोर्ट करके उसे तुरंत ब्लॉक करवा सकते हैं।
इसके अलावा, संचार साथी प्लेटफॉर्म पर “Check Genuineness of Your Mobile Handset” सुविधा का उपयोग करके आप किसी भी नए या पुराने मोबाइल हैंडसेट के ब्रांड, मॉडल और IMEI नंबर की प्रामाणिकता की जांच भी आसानी से कर सकते हैं।
अपने सिम कार्ड को दूसरों को देने से क्यों बचें? जानें कानूनी जिम्मेदारियां
DoT ने नागरिकों को सलाह दी है कि अपने नाम पर लिया गया सिम कार्ड कभी भी किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने के लिए न दें। यदि वह व्यक्ति आपके सिम का उपयोग किसी अपराध या साइबर फ्रॉड के लिए करता है, तो कानूनी रूप से इसकी सीधी जिम्मेदारी मूल सब्सक्राइबर (जिसके नाम पर सिम दर्ज है) की होगी।
सावधानी हेतु प्रमुख दिशा-निर्देश:
- अपना सिम कार्ड किसी को किराए पर या उधार पर बिल्कुल न दें।
- अपने नाम से जारी सिम को किसी अनजान व्यक्ति को न बेचें।
- ऐसे स्मार्टफोन या डिवाइस न खरीदें जिनके IMEI नंबर से छेड़छाड़ की गई हो।
- कॉलिंग लाइन आइडेंटिटी (Caller ID) में बदलाव करने वाले ऐप्स या वेबसाइट्स का उपयोग न करें।
- सिम कार्ड खो जाने पर तुरंत अपने टेलीकॉम ऑपरेटर को सूचित करके उसे ब्लॉक करवाएं।
✲ Department of Telecommunications Cautions Citizens against fraudulent issuance of SIM cards, misuse of telecom identifiers, or tampering with IMEI numbers
✲ Misuse May Attract Up to Three Years’ Imprisonment and ₹50 Lakh Fine
✲ Citizens advised to use the #SancharSaathi… pic.twitter.com/HNkUerRc38
— PIB India (@PIB_India) September 21, 2026
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