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e-challan Fraud Alert: ई-चालान भरने में न करें जल्दबाजी: असली सेंडर आईडी यहाँ देखें

आपके मोबाइल पर आया चालान का मैसेज असली है या नकली? ऐसे करें पहचान। फर्जी मैसेज और वेबसाइट से ऐसे बचें

e-challan Fraud Alert: आजकल मोबाइल फोन पर “आपका चालान कट गया है, भुगतान के लिए यहाँ क्लिक करें” जैसे मैसेज आना आम बात है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से कई मैसेज फर्जी होते हैं? साइबर अपराधी सरकारी वेबसाइट जैसी दिखने वाली नकली वेबसाइट बनाकर आपका डेटा और पैसा चोरी कर रहे हैं।




रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे ई-चालान का भुगतान करते समय केवल आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें।

असली और नकली ई-चालान की पहचान (e-challan Fraud Alert)

साइबर अपराधी असली जैसी दिखने वाली वेबसाइट और मैसेज का उपयोग करते हैं। नीचे दी गई तालिका से आप अंतर समझ सकते हैं:

विशेषता (Feature)आधिकारिक/असली (Official)फर्जी/नकली (Fake/Fraud)
आधिकारिक वेबसाइटhttps://echallan.parivahan.gov.in/.apk, .org या मिलते-जुलते संदिग्ध लिंक।
आधिकारिक ऐपNextGen mParivahanकोई भी अनजान थर्ड-पार्टी एप्लीकेशन।
अतिरिक्त शुल्ककोई अतिरिक्त चार्ज नहीं लगता।टैक्स और सर्विस के नाम पर अतिरिक्त वसूली।
एसएमएस सेंडर आईडीVAAHAN-G (जैसे BV, BT, BH, BM, BZ)मोबाइल नंबर या व्यक्तिगत आईडी।

सुरक्षित रहने के लिए 5 प्रमुख सावधानियां

1. सेंडर आईडी (Sender ID) को गौर से देखें

सरकारी संदेश हमेशा अधिकृत सेंडर आईडी से ही आते हैं। यदि मैसेज BV-VAAHAN-G, BT-VAAHAN-G, BH-VAAHAN-G, BM-VAAHAN-G या BZ-VAAHAN-G से आया है, तभी लिंक पर भरोसा करें।

2. आधिकारिक प्लेटफॉर्म का ही उपयोग करें

ई-चालान चेक करने या भरने के लिए हमेशा आधिकारिक वेबसाइट parivahan.gov.in या गूगल प्ले स्टोर से NextGen mParivahan ऐप का ही इस्तेमाल करें।

3. स्पेलिंग की जांच करें

साइबर ठग अक्सर सरकारी वेबसाइट की स्पेलिंग में मामूली बदलाव कर देते हैं (जैसे ‘parivahan’ की जगह ‘pariivahan’)। लिंक पर क्लिक करने से पहले यूआरएल को ध्यान से पढ़ें।

4. ओटीपी (OTP) कभी साझा न करें

कोई भी पुलिस अधिकारी या सरकारी कर्मचारी आपसे फोन पर ओटीपी नहीं मांगेगा। किसी के भी कहने पर अपना पर्सनल पासवर्ड या ओटीपी साझा न करें।

5. फर्जी कॉल से रहें सतर्क

धमकी भरी कॉल या “तुरंत पेमेंट करें वरना केस दर्ज होगा” जैसे संदेशों से न घबराएं। हमेशा अधिकृत वेबसाइट पर जाकर अपना पेंडिंग चालान वेरिफाई करें।

अगर धोखाधड़ी हो जाए, तो क्या करें? (Emergency Steps)

यदि आप गलती से किसी फर्जी लिंक का शिकार हो गए हैं और आपके पैसे कट गए हैं, तो तुरंत ये कदम उठाएं:

  • साइबर हेल्पलाइन: बिना देरी किए 1930 पर कॉल करें।
  • ऑनलाइन शिकायत: राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज करें।
  • बैंक को सूचना: तुरंत अपने बैंक के कस्टमर केयर को सूचित करें ताकि आपका खाता और कार्ड ब्लॉक किया जा सके।

e-challan Fraud Alert: रायपुर पुलिस की विशेष अपील

पुलिस विभाग सभी वाहन स्वामियों से NextGen mParivahan App इंस्टॉल करने की सिफारिश करता है। इसमें आप न केवल सुरक्षित रूप से चालान भर सकते हैं, बल्कि अपने आरसी (RC) और ड्राइविंग लाइसेंस (DL) को डिजिटली सुरक्षित रख सकते हैं। आधिकारिक ऐप का उपयोग करने से आप अतिरिक्त शुल्क से भी बचते हैं।

आपकी सतर्कता ही साइबर ठगों के खिलाफ सबसे बड़ा हथियार है। “सोचें, समझें और फिर क्लिक करें।”

डिस्क्लेमर: यह जानकारी सार्वजनिक सुरक्षा और रायपुर पुलिस की एडवाइजरी पर आधारित है। ताजा अपडेट के लिए आधिकारिक सरकारी पोर्टल पर ही भरोसा करें।

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