Income Tax Return: ITR-1, 2 और 3 फॉर्म जारी, जानें आपके लिए कौन सा सही
Income Tax Return: यदि आप केवल सैलरी और बैंक ब्याज से कमाते हैं, तो ITR-1 सबसे आसान विकल्प है। अधिक जटिल निवेश और बिजनेस आय के मामले में ITR-2 या ITR-3 का उपयोग करें।
सही फॉर्म का चुनाव करना बहुत जरूरी है, क्योंकि गलत फॉर्म भरने पर आयकर विभाग से नोटिस आ सकता है
Income Tax Return: वित्त वर्ष 2025-26 (AY 2026-27) के लिए आयकर विभाग ने नए Income Tax Return फॉर्म नोटिफाई कर दिए हैं। समय पर आईटीआर फाइल करना न केवल आपकी कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि यह लोन लेने और वीजा आवेदन जैसे कार्यों में भी मदद करता है।
यहाँ ITR-1, ITR-2 और ITR-3 फॉर्म की पात्रता और फाइलिंग की समय सीमा की पूरी जानकारी दी गई है।
ITR फाइल करने की महत्वपूर्ण तारीखें (Income Tax Return)
टैक्सपेयर्स को भारी जुर्माने से बचने के लिए इन तारीखों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
| टैक्सपेयर की श्रेणी (Category) | लागू फॉर्म (Forms) | अंतिम तिथि (Deadline) |
| सैलरीड और नॉन-ऑडिट केस | ITR-1, ITR-2 | 31 जुलाई 2026 |
| बिजनेस (नॉन-ऑडिट) | ITR-3, ITR-4 | 31 अगस्त 2026 |
| विलंबित रिटर्न (Belated) | सभी फॉर्म | 31 दिसंबर 2026 |
| ऑडिट वाले टैक्सपेयर्स | ITR-3, ITR-5 | 31 अक्टूबर 2026 |
आपके लिए कौन सा ITR फॉर्म सही है?
1. ITR-1 (सहज) – किसके लिए है?
यह फॉर्म उन रेजिडेंट व्यक्तियों के लिए है जिनकी कुल आय ₹50 लाख तक है। इसमें आय के स्रोत केवल सैलरी, एक हाउस प्रॉपर्टी और अन्य स्रोत (ब्याज आदि) होने चाहिए।
किसे ITR-1 फाइल नहीं करना चाहिए?
- जिनकी आय किसी बिजनेस या प्रोफेशन से है।
- जिन्होंने शेयर या प्रॉपर्टी बेचकर कैपिटल गेन कमाया है।
- जिनके पास एक से ज्यादा हाउस प्रॉपर्टी से आय है।
- लॉटरी या घुड़दौड़ से जीत हासिल करने वाले व्यक्ति।
2. ITR-2 – कौन फाइल कर सकता है?
यदि आप ITR-1 के लिए पात्र नहीं हैं और आपकी कोई बिजनेस आय नहीं है, तो ITR-2 आपके लिए है।
- पात्र: हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) और व्यक्ति।
- आय के स्रोत: कैपिटल गेन, एक से अधिक हाउस प्रॉपर्टी, और विदेशी संपत्ति से आय।
- नोट: यदि आप किसी फर्म में पार्टनर हैं और वहां से केवल सैलरी/बोनस मिलता है, तो आप ITR-2 नहीं भर सकते।
3. ITR-3 – प्रोफेशनल्स और बिजनेस के लिए
यह फॉर्म उन व्यक्तियों और HUF के लिए है जिन्हें बिजनेस या प्रोफेशन से आय होती है। यदि आप किसी पार्टनरशिप फर्म में पार्टनर हैं, तो आपको ITR-3 ही फाइल करना होगा।
देर से आईटीआर फाइल करने के नुकसान (Income Tax Return)
यदि आप 31 जुलाई 2026 की समय सीमा चूक जाते हैं, तो आप 31 दिसंबर 2026 तक ‘बिलेटेड रिटर्न’ फाइल कर सकते हैं। हालांकि, इसके कुछ नुकसान हैं:
- जुर्माना: ₹1,000 से ₹5,000 तक की लेट फीस (आय के अनुसार)।
- ब्याज: बकाया टैक्स पर धारा 234A के तहत मासिक ब्याज।
- घाटे का कैरी फॉरवर्ड: आप अपने बिजनेस या कैपिटल लॉस को अगले साल के लिए कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी केवल शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। टैक्स नियमों में बदलाव संभव हैं, इसलिए फाइलिंग से पहले आधिकारिक आयकर पोर्टल या किसी चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) से सलाह जरूर लें।
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